About

सुशील बोथरा
शिक्षा : एम०ए०, एल०एल०बी
सम्प्रति : प्रोफेशनल ज्योतिष का कार्य 20 वर्षों से एवं स्वतंत्र लेखन

जीवन के 36 वर्षों तक बिहार प्रवास करने के बाद अब देश की राजधानी नई दिल्ली में ज्योतिष के क्षेत्र में कार्यरत रहकर जनप्रिय हैं। स्थानीय पत्र- पत्रिकाओं में कविताएँ छपती रहीं। अनेको बार सांस्कृतिक मंचो का संचालन किया और कई गीत लोकप्रिय हुए। आपकी लिखी सरस्वती वन्दना और मंगल गान आज भी बिहार क्षेत्र के निवासियों में आशा और उल्लास के साथ गाए, पढे और सुने जाते है। आकाशवाणी भागलपुर से कई बार आपने कविता पाठ किया।

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